“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥
“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा ” मोदी सरकार इस्तीफा दो॥

“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥

“पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ संसद तक मार्च”

दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन ने आज संसद के मानसून सत्र के पहले दिन

बड़ा रूप ले लिया। हजारों छात्रों ने नीट परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के

खिलाफ प्रदर्शन किया, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

आंदोलनकारी शिक्षा मंत्री  “धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र मोदी ” के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

 

“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥

🔥  छात्र आंदोलन के मुख्य बिंदु। 

  • स्थान: जंतर मंतर, नई दिल्ली

  • तारीख: 20 जुलाई 2026

  • कारण: NEET-UG 2026 पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में लगातार भ्रष्टाचार

  • नेतृत्व: Cockroach Janta Party आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk

    (केवीआईसी) अधिनियम, 1956 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी ……

      🔥 छात्र आंदोलन की मुख्य मांगें।

    • प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी का इस्तीफा।

    • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।

    • परीक्षा में अनियमितताओं पर कार्रवाई।

    • आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा।

      “जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥

🔥 आज सुबह से घटनाक्रम। 

हजारों छात्र और युवा रातभर जंतर मंतर पर डटे रहे।

पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की।

प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए: प्रधानमंत्री मोदी इस्तीफा दो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो।”

आंदोलन सोशल मीडिया पर भी लाखों समर्थकों को जोड़ चुका है।

आंदोलन इतना ज्यादा ट्रेंड हुआ की इंस्टाग्राम का सर्वर डाउन हो गया ।

“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥

🔥   दिल्ली पुलिस ने हिंसा के दावों को बताया अफवाह।

जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में हिंसा

और लोगों को हिरासत में लेने के दावे सामने आए जो की सोसीयल मीडीया मे जो इमेज या रही है उससे

सच लग रहा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि प्रदर्शन स्थल पर ऐसी

कोई घटना नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि “जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी

तरह पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। कहीं भी छिटपुट हिंसा या बल प्रयोग जैसी कोई घटना नहीं हुई है।

” पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें।

साथ ही कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें, ताकि प्रदर्शन

स्थल और उसके आसपास सामान्य माहौल बना रहे।

“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥

🔥  डॉ. गीतांजलि अंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने एक बार फिर दिल्ली

हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील दाखिल कर उस सिंगल

जज के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद

के निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग खारिज कर दी गई थी। अपील में कहा गया है कि

इस फैसले से वांगचुक और उनके परिवार का इलाज से जुड़ा फैसला लेने का अधिकार

प्रभावित होता है। साथ ही यह भी दलील दी गई है कि मरीज की सहमति, इलाज चुनने की

आजादी और अनुच्छेद 21 के तहत मिले शारीरिक स्वायत्तता (Bodily Autonomy) के

अधिकार को नजरअंदाज किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि जब वांगचुक न

तो गिरफ्तार हैं और न ही हिरासत में, तब उन्हें सरकारी अस्पताल तक सीमित रखना उचित नहीं है।

“जंतर मंतर पर छात्रों का गुस्सा मोदी सरकार इस्तीफा दो॥

⚠️ सरकार के सामने जोखिम और चुनौतियाँ। 

🔥 पुलिस कार्रवाई से हिंसा और तनाव बढ़ने का खतरा

सरकार के सामने सबसे बड़ा जोखम ये है की पुलीस कार्यवाही से तनाव बढ़ जाए और

नेपाल की तर्ज पर ये आंदोलन हींसक ना  बन जाए वरना सरकार उसे संभालने  मे समर्थ

नहीं होगी और देशभर मे सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ेगा जो की सरकार के सामने  बड़ी चुनौती है।

हो सकता है एक बार फीर कोंग्रेश बीजेपी के जाल मे फस गइ. पंजाब मे..

🔥  लंबे समय तक आंदोलन जारी रहने पर शिक्षा व्यवस्था और छात्रों का

भविष्य प्रभावित हो सकता है।

यह आंदोलन लंबा चलता है तो आंदोलनकारी छात्रों के भविष्य पर असर पड़ेगा और शिक्षा व्यवस्था

पर भी असर पड़ेगा और साथ साथ देश भर मे सरकार के खिलाफ  गुस्सा और बढ़ेगा जो की

सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।

🔥   सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद न होने पर राजनीतिक

टकराव गहराने की संभावना

सरकार और आंदोलन कारी के बीच अगर संवाद नहीं होता है तो मोजूदा सरकार के सामने

पूरे देश मे बहुत बड़ा राजनीतीक संकट खड़ा हो जाएगा और आंदोलन पूरे देश मे पहुच जाएगा

एसी स्थिति मे राजनीतीक टकराव गहरा जाने की संभावना से इनकार नहीं कीया जा सकता।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version